क्रिकेट के मैदान से बाहर निकलकर एमएस धोनी हमेशा कुछ नया करने के लिए जाने जाते हैं। सीएसके स्टार और पूर्व भारतीय कप्तान ने हाल ही में एक ऐसा कदम उठाया है जो फैंस को हैरान कर रहा है। उन्होंने DGCA ट्रेनिंग पूरी कर ड्रोन पायलट बनने का रास्ता साफ कर लिया है। लेकिन ट्विस्ट ये है कि अभी वे केवल ड्रोन ही उड़ा सकेंगे, बड़े विमान नहीं। ये खबर सोशल मीडिया पर वायरल हो गई है और फैंस महेंद्र सिंह धोनी के इस नए अवतार को सराह रहे हैं।
एमएस धोनी का मशीनों से गहरा लगाव किसी से छिपा नहीं है। बाइक्स और कारों का शौकीन होने के अलावा अब वे ड्रोन फ्लाइंग की दुनिया में कदम रख चुके हैं। ये सर्टिफिकेशन न सिर्फ उनकी जिज्ञासा को दर्शाता है बल्कि इंडियन ड्रोन इंडस्ट्री के लिए भी एक बड़ा संदेश है। आइए, इसकी पूरी कहानी को विस्तार से समझते हैं।
एमएस धोनी की ड्रोन पायलट ट्रेनिंग: कैसे और कहां हुई ये उपलब्धि?
एमएस धोनी ने अपनी DGCA ड्रोन पायलट सर्टिफिकेशन प्रोग्राम को गारुड़ा एयरोस्पेस के साथ पूरा किया। चेन्नई में स्थित इस कंपनी के DGCA-अप्रूvd रिमोट पायलट ट्रेनिंग ऑर्गनाइजेशन (RPTO) में ट्रेनिंग हुई। कंपनी ने बताया कि धोनी ने थ्योरेटिकल ग्राउंड क्लासेस के साथ–साथ प्रैक्टिकल सेशन्स भी किए, जिसमें सिमुलेटर्स और असली ड्रोन पर फ्लाइंग शामिल थी।
ट्रेनिंग के दौरान माही भाई, जैसा फैंस उन्हें प्यार से बुलाते हैं, ने बेहद फोकस दिखाया। उन्होंने जल्दी ही स्किल्स सीख लीं और सर्टिफाइड ड्रोन पायलट बन गए। गारुड़ा एयरोस्पेस ने अब तक 2500 से ज्यादा आकांक्षी पायलट्स को ट्रेनिंग दी है। धोनी का ये कदम कंपनी के लिए मील का पत्थर साबित हो रहा है, क्योंकि वे इसके ब्रांड एंबेसडर और इन्वेस्टर भी हैं।
ट्रेनिंग की खासियतें और DGCA के नियम
DGCA (डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन) भारत में ड्रोन उड़ाने के लिए सख्त नियम बनाता है। धोनी की ट्रेनिंग में सेफ्टी, रेगुलेटरी स्टैंडर्ड्स और प्रैक्टिकल फ्लाइंग पर जोर दिया गया। ये प्रोग्राम छोटे और मीडियम ड्रोन (25 किलो तक और उसके ऊपर) दोनों कैटेगरी के लिए वैलिड है। कंपनी के पास DGCA से मैन्युफैक्चरिंग और ट्रेनिंग दोनों के लिए अप्रूवल है, जो उन्हें भारत का पहला स्टार्टअप बनाता है।
ट्रेनिंग पूरी होने के बाद धोनी ने फेसबुक पर पोस्ट शेयर की: “खुशी की बात है कि मैंने गारुड़ा एयरोस्पेस के साथ DGCA ड्रोन पायलट सर्टिफिकेशन प्रोग्राम पूरा कर लिया।” ये पोस्ट वायरल हो गई और लाखों लाइक्स मिले। फैंस कमेंट्स में लिख रहे हैं कि कैप्टन कूल अब आसमान पर भी राज करेंगे।
गारुड़ा एयरोस्पेस का रोल: धोनी के नए सफर में पार्टनर
गारुड़ा एयरोस्पेस, भारत की लीडिंग ड्रोन मैन्युफैक्चरर, ने धोनी को ट्रेनिंग देने का मौका पाकर गर्व महसूस किया। फाउंडर और CEO अग्निश्वर जयप्रकाश ने कहा, “हमारे ब्रांड एंबेसडर और इन्वेस्टर एमएस धोनी का खुद ट्रेनिंग लेकर सर्टिफाइड होना हमारे लिए बड़ा माइलस्टोन है। उन्होंने बहुत तेजी से सीखा और फोकस्ड रहे। उनका ड्रोन इंडस्ट्री में विश्वास हमें प्रेरित करता है।“
कंपनी ने 300 से ज्यादा ‘सेंटर्स ऑफ एक्सीलेंस‘ स्थापित किए हैं, जो एजुकेशनल इंस्टीट्यूशंस के साथ मिलकर काम करते हैं। ड्रोन पायलट ट्रेनिंग से इंडस्ट्री में स्किल्ड वर्कफोर्स बढ़ रहा है, जो कृषि, सर्विलांस और डिलीवरी जैसे सेक्टर्स के लिए जरूरी है। धोनी का इन्वॉल्वमेंट इस सेक्टर को बूस्ट देगा, खासकर युवाओं को आकर्षित करेगा।
ड्रोन इंडस्ट्री में धोनी का योगदान
एमएस धोनी ने कुछ साल पहले ही गारुड़ा एयरोस्पेस में इन्वेस्टमेंट किया था। उनका ये कदम ड्रोन टेक्नोलॉजी के फ्यूचर पर भरोसा दिखाता है। भारत में ड्रोन मार्केट तेजी से बढ़ रहा है, और सर्टिफाइड पायलट्स की डिमांड बढ़ी है। धोनी जैसे आइकॉन का सपोर्ट सेक्टर को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा।
एमएस धोनी का बैकग्राउंड: क्रिकेट से आगे की जिंदगी
सीएसके स्टार एमएस धोनी सिर्फ क्रिकेटर नहीं, बल्कि मल्टी–टैलेंटेड पर्सनैलिटी हैं। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 17,266 रन, 829 डिसमिसल्स और 538 मैच खेल चुके हैं। आईपीएल में चेन्नई सुपर किंग्स को 5 टाइटल दिलाए। लेकिन फील्ड के बाहर भी उनका कमाल है।
2011 में उन्हें इंडियन टेरिटोरियल आर्मी में लेफ्टिनेंट कर्नल का ऑनरेरी रैंक मिला। 2019 में जम्मू–कश्मीर में 15 दिन की अटैचमेंट पूरी की और पैराट्रूपर बने। अब ड्रोन पायलट सर्टिफिकेशन उनके लिस्ट में नया ऐडिशन है। मोटरसाइकिल्स का शौक रखने वाले धोनी हमेशा नई चीजें ट्राई करते रहते हैं।
H4: फैंस की प्रतिक्रिया और सोशल मीडिया बवाल
सोशल मीडिया पर एमएस धोनी की ये खबर ट्रेंड कर रही है। फैंस कह रहे हैं, “थाला अब आसमान में भी उड़ान भरेंगे!” इंस्टाग्राम और ट्विटर पर मीम्स की बाढ़ आ गई। कई लोग IPL 2026 में उनके रिटर्न की उम्मीद जता रहे हैं, लेकिन ये नया हॉबी उनके लाइफ को और इंटरेस्टिंग बना रहा है।
ड्रोन पायलट बनने के फायदे: इंडस्ट्री का फ्यूचर
ड्रोन फ्लाइंग आजकल कई फील्ड्स में यूज हो रही है। कृषि में स्प्रेइंग, डिजास्टर मैनेजमेंट में सर्वे और एंटरटेनमेंट में शूटिंग। DGCA सर्टिफिकेशन से सेफ्टी सुनिश्चित होती है। धोनी का ये स्टेप युवाओं को प्रेरित करेगा कि स्पोर्ट्स के बाद भी नई स्किल्स सीखी जा सकती हैं।
भारत सरकार ड्रोन रूल्स 2021 से इस सेक्टर को प्रमोट कर रही है। गारुड़ा जैसी कंपनियां लीड कर रही हैं, और धोनी का जॉइनमेंट इसे पॉपुलर बनाएगा। फ्यूचर में ड्रोन पायलट जॉब्स की भरमार होगी।
निष्कर्ष: एमएस धोनी की प्रेरणादायक यात्रा
एमएस धोनी की ये उपलब्धि साबित करती है कि उम्र सिर्फ नंबर है। क्रिकेट से रिटायरमेंट के बाद भी वे एक्टिव रहते हैं और नई चीजें सीखते हैं। ड्रोन पायलट बनना उनके लिए नया चैप्टर है, जो फैंस को इंस्पायर करेगा। सीएसके और इंडिया के फॉर वर्ल्ड कप विनर हमेशा सरप्राइज देते रहेंगे।
अगर आप भी ड्रोन ट्रेनिंग में इंटरेस्टेड हैं, तो DGCA अप्रूvd सेंटर्स चेक करें। धोनी की तरह फोकस रखें, सफलता मिलेगी!
डिस्क्लेमर
यह जानकारी पब्लिक सोर्सेज और ऑफिशियल अनाउंसमेंट्स से ली गई है। ये केवल सूचनात्मक उद्देश्य के लिए है और किसी भी निवेश या फैसले के लिए कानूनी सलाह नहीं है।